
पांच राज्य से शुरू होंगी योजना की शुरुआत।
प्रत्येक लाभार्थी को केंद्रीय प्रणाली में शामिल किया जाएगा।
केंद्र सरकार सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़ी जातियों के सही लाभार्थियों तक 60 लाख मेधावी छात्रवृत्ति की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है। इसके लिए आधार कार्ड को जाति और आय प्रमाण पत्र से जोड़कर ऑटोमेटिक वेरिफिकेशन सिस्टम तैयार किया जा रहा है।
केंद्र की ओर से यह पहल राजस्थान, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना में शुरू की जाएंगी। क्योंकि इन राज्यों ने पहले ही आधार कार्ड से लिंकिंग का काम पूरा कर लिया है।
एक सरकारी अधिकारी ने कहा है कि यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सचिवों के साथ बातचीत के बाद आए गया है जहां अनुसूचित जनजाति के छात्रों को मैट्रिक के बाद की छात्रवृत्ति को पूरी तरह से डिजिटल करने का सुझाव दिया गया था। इसके लिए आधार को जाति प्रमाणीकरण से लिंक करना जरूरी बताया गया। इस सुझाव को स्वीकार कर लिया गया है और चालू वित्त वर्ष में सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्रालय द्वारा लागू किया जाएगा।
सोर्स – नवभारत
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